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#वैशाली महोत्सव #वैशाली महोत्सव के बारे में #vaishali mahotsav #vaisali mahotsav ke bare men

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भूमिका संत रविदास जी ने भी क्या खूब कहा है- “मनुष्य जन्म से नहीं कर्म से महान बनता है” जैसे कि हमारे वर्द्धमान, जो अपने कर्म से भगवान महवीर बनें और जैन धर्म के 24 वें तीर्थकर के रूप में प्रतिष्ठित हुए | अहिंसा परमो धर्म : जैसे उपदेश देकर जनमानस के लिए एक ऐसे मार्गदर्शक के रूप में सामने आए, की पुजनीय, बंदनीय हो गए | ऐसे धरती के लाल के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर प्रत्येक वर्ष वैशाली वासी, वैशाली महोत्सव मनाकर भगावन महाबीर के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था प्रकट करते है और वैशाली वासी बड़े प्यार से कहते है -       हम भगवान महाबीर की शुभ जयंती मनाते है,       हम आस्था भगवान महाबीर के प्रति दिखाते है “ |   वैशाली महोत्सव मनाने की परम्परा की शुरुआत स्वर्गीय जगदीश चंद्र माथुर हाजीपुर के एक तत्कालीन अनुमंडलाधिकारी थे, जिनके हृदय में वैशाली के महत्व और महत्ता की ऐसी अखंड ज्योत जल रही थे, जिसके प्रकाश से अभिभूत होकर वैशाली के प्रति अपनी आस्था को, वैशाली महोत्सव मनाने की परम्परा के रूप में प्रकट कर दिया और वैशाली की मिट्टी की खुश...

इंजिनियरिंग में ग्रेजुएशन करने के बाद जॉब नहीं मिलने की स्थिति में क्या करना चाहिए ? What should I do if I do not get a job after graduation in engineering?

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ऐसे सवाल हजारों विद्यार्थियों के मन में होते है जिसके जवाब ढूंढने के लिए बच्चें प्रयासरत रहते है , मैंने भी कई जगह ऐसे सवाल देखें, जिसे देखकर मुझे लगा क्यूँ ना ऐसे विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर एक ब्लॉग लिखा जाये जो इंजिनियरिंग में ग्रेजुएशन या बीटेक करने के बाद भी अच्छी जॉब ना मिलने से परेशान है या छोटी – मोटी या कम सैलरी वाली नौकरी मिलने से ह्तोस्ताहित है क्योंकि इंजिनियरिंग में ग्रेजुएशन या बीटेक करने के बाद भी अगर जॉब नहीं मिलता है तो अक्सर बच्चे ये सोचने लग जाते है की अब ऐसा और क्या करें जिससे जॉब ना मिलने की समस्या दूर या समाप्त हो जाये लेकिन सिर्फ सोचने से तो किसी भी समस्या का हल ना ही निकला है और ना ही निकलेगा ! हल तो तभी निकलेगा जब सोच को सही दिशा या उचित और स्थिति संगत मार्गदर्शन मिलें जिसके कारण विकास की गति या तो अवरुद्ध है या तो थोड़ी बहुत है तो आइये बिना देरी किये उत्पन्न समस्या की तरफ चलते है जो जॉब नहीं मिलने से सम्बंधित है और जिसका निदान ही इस ब्लॉग को लिखने का मकसद भी है इंजिनियरिंग में ग्रेजुएशन या बीटेक करने के बाद भी अगर जॉब नहीं मिल रहा है या मिल भी रहा है तो जै...

अनुशासनात्मक जीवन प्रणाली और अनुशासन मुक्त जीवन प्रणाली में क्या अंतर है ? What is the difference between a disciplined life system and a discipline free life system?

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  अनुशासनात्मक जीवन प्रणाली अर्थात स्वयं के द्वारा शासित होकर अपने जीवन को जीने  की पद्धति और अनुशासन मुक्त जीवन प्रणाली अर्थात स्वयं पर किसी भी प्रकार का कोई प्रतिबन्ध लगाये बिना अपने जीवन को जीने की पद्धति ये दोनों ही जीवन पद्धति एक दूसरे के बिल्कुल ही विपरीत है इसमें किसी भी प्रकार की कोई समानता नहीं है, इसीलिए हम कह सकते है कि ईन दोनों ही जीवन प्रणाली में जो मुख्य अंतर है वो एक दूसरे से भिन्न होना ही है क्योंकि अनुशासनात्मक जीवन प्रणाली जहाँ उचित और अनुचित में भेद स्पष्ट कर उचित के साथ ही चलने पर बाध्य रखती है या स्वयं के द्वारा बनाये नियम के विपरीत चाह कर भी चलने नहीं देती है वहीं अनुशासन मुक्त जीवन प्रणाली जीवन में किसी भी प्रकार की कोई बाध्यता को जन्म ही नहीं देती है     जैसा की ईन दोनों ही जीवन प्रणाली के अर्थ से भी स्पष्ट हो रहा है लेकिन ईन दोनों ही जीवन प्रणाली के बीच पूर्ण अंतर स्पष्ट करने के लिए उपर्युक्त दोनों ही जीवन प्रणाली के बारे में विस्तार पूर्वक जानना परम आवश्यक है तो आइये जानने की कोशिश करते है - अनुशासनात्मक जीवन प्रणाली जैसा की हम जानते...

थायराइड (Thyroid) क्या है ? और हमारे शरीर को ये कैसे प्रभावित करती है एक दृष्टि से

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  कुछ ऐसी बाते. होती है जिसकी जानकारी मेरी समझ से प्रत्येक व्यक्ति को रखनी ही चाहिए और यदि वो बात हेल्थ से जुड़ी हुई हो तब तो आवश्य ही जाननी चाहिए, जिससे समय रहते उसका निदान संभव हो सके ! इसी मकसद से आज थायराइड के बारे में कुछ बातें जानने की कोशिश करते है.....   थायराइड ( Thyroid) क्या है ?  यह एक प्रकार का गलैंड या ग्रंथी होता है जो T3 और T4 नामक हार्मोन को बनाकर खुन तक  पहुँचाता है या T3 और T4 नामक हार्मोन को रिलीज करता है जिससे शरीर का मेटाबोलिज्म कंट्रोल  रह सके अर्थात हम जो भोजन करते है उसे ये उर्जा में परिवर्तित करने के साथ – साथ पाचनतन्त्र को  भी कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है , इसीलिए कहा जाता है कि थायराइड हार्मोन हमारे  शरीर के पत्येक कोशिकाओं के कार्य को प्रभावित करता है और और इसकी संरचना एक साइलेंट  किलर की तरह होती है| यह   बीमारी पुरुषों के मुकावले महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है | थायराइड   के प्रकार मुख्यत: थायराइड दो प्रकार के होते है .. 1. Hypothyroidism -   इस बीमारी में T3 यानि Triiodoth...

जीवन में भाग्य और दुर्भाग्य का प्रवेश कैसे होता है ..? How does luck and misfortune enter life..?

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    हमारे जन्म के साथ ही हमारे भीतर कर्म करने की शक्ति का विकास होने लगता है और इसी कर्म करने की शक्ति से हम अपने जीवन को अपने तरीके से जीने की कोशिश करते है या जीते है | जन्म से लेकर मृत्यु से पूर्व तक किसी भी व्यक्ति के कर्म करने की जो शक्ति होती है बरकरार रहती है और इसी कर्म करने की शक्ति से हम अपने जीवन को अपने तरीके से जीने की कोशिश करते है और जीते है | लेकिन प्रश्न उठता है की किसी भी व्यक्ति के भीतर कर्म करने की शक्ति का सृजन कैसे होता है जो चाह कर भी मरते दम तक छोड़े ना छूटता है .. ?   हम जिस भी समाज में रहते है या जिस भी वातावरण में रहते है हमारे व्यक्तित्व का निर्माण भी उसी तरह का होता है जो हमारे भीतर कुछ बनने की , कुछ नया करने की या कुछ ऐसा प्राप्त करने की अभिलाषा को जन्म देती है जो आज तक किसी ने प्राप्त नहीं किया है या किसी और ने ये कर लिया लेकिन हमने अब तक नहीं किया है और यही अभिलाषा हमारे भीतर जो कर्म करने की शक्ति है उसको गति प्रदान करती है और हमारी समस्त उर्जा को हमारी अभिलाषा की प्राप्ति के लिए प्रेरित करती है | हमे अपनी अभिलाषा की पूर्ति के लिए...