संदेश

#need for hunger#Importance of hunger to achieve something in life

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    There is no dearth of hunger in this world, some are hungry to discover new places, some are hungry to visit new places, some are hungry to invent new food, some are hungry to eat new food, some are hungry to write new books and some are hungry to read new books. Some are hungry to make new vehicles, some are hungry to drive new vehicles, some are hungry to fulfill their dreams, some are hungry to live their present to the fullest, some are hungry to change their present, the list of hunger does not end here, its list is so long that if I sit down to write, I keep on writing. Well I don't intend to do that at all . My intention is only to emphasize on paying attention to our inner hunger if that hunger is related to our progress. I believe that a hungry person does not desire to get anything other than food, a thirsty person does not desire to get anything other than water, in the same way, if the hunger for what we want in our life is present within us, then no matter how...

#Guide and its usefulness#guide and its requirements

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  Whether the journey is new or the city is new, the life is new or the creation is new, having a guide can lead any kind of our journey towards success provided we commit ourselves to do so or we are hypnotized by the guide to do so. The guide can be anyone, our parents, teacher, friend or anyone else. It is necessary to have a guide for some time, but when we become accustomed to visiting new places, walking on new paths, doing new things, then we ourselves become our own guides. A guide prevents us from going astray, whether it is the path of our journey or the path of life. But how should we choose our guides, we should think with our wisdom and delicacy of time, without showing even the slightest haste. When we go on a trip, we should make a map of all the places we visit and try to collect as much information as possible about it.  But when we are not capable of doing this, that is, when we are in our childhood, then parents should take this responsibility in their hands...

#Rose and its requirements# Rose and its usefulness

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  Roses are not only flowers, they are a path to express feelings when I give someone.  We cannot think even in daily dreams without expressing our feelings to someone. Roses are special everyday but unfortunately I am talking about a day. Of course valentine week is special for roses but this does not mean that its importance diminishes or is underestimated every day.  The rose, fragrant in many colours, is not only a unique medium to express our feelings with each of its colours, but is also a medium without which expressing our feelings to anyone sometimes seems meaningless. For example, if we give a yellow rose to someone, it means that we want to make friends with that person, whereas if we give a white rose to someone, it means that we want to establish peace, whereas if we give a red rose to someone, it means that we want to show our love to someone. Similarly, other colors of rose also express something or the other and what we feel hesitant in saying with our ton...

#birsamuda#बिरसा मुंडा #‘मेरी प्रेरणा- जनजातीय नायक बिरसा मुंडा’

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                                             ‘ मेरी प्रेरणा- जनजातीय नायक बिरसा मुंडा ’ प्रस्तावना “कुछ लोग जिन्दा होकर भी जिन्दा नहीं रहते ! वहीं कुछ लोग मर कर भी नहीं मरते, सदा जिन्दा रहते है”, “ जैसे हमारे भगवान बिरसा मुंडा जी ”| जिन्होंने कभी अपने कर्तव्य पथ पर चलते हुए अपने कर्तव्य से मुँह नहीं मोड़ा, जिन्होंने कभी अंग्रेजों के द्वारा दी जाने वाली यातनाओं के डर से , घोड़ पीड़ा के भय से सच्चाई का पथ नहीं छोड़ा, कभी दबे – कुचले लोगों की मदद करने से , देश की भक्ति से या देश भक्तों का साथ देने से कभी भी मुँह नहीं मोड़ा , अपने कर्तव्य के प्रति इतना दृढनिश्चयी तो सिर्फ और सिर्फ भगवान ही हो सकते है कोई दूसरा नहीं इसीलिए हमारे भगवान बिरसा मुंडा जी ने स्वयं को धरती आबा भी कहा था अर्थात “धरती का भगवान” |     जन्म हमारे भगवान बिरसा मुंडा जी का जन्म 18 नवम्बर 1875 को उलिहातु गाँव के एक बटाईदार किसान परिवार में हुआ था, जिनके पिता का नाम सुगना मुंडा और माता...

#What is G20 and why did the member countries feel the need for it?

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  The G20, also known as the Group of Twenty, is an international forum comprising 19 individual countries and the European Union. It was established in 1999 to promote international economic cooperation and address pressing global economic issues. The G20 brings together some of the world's major advanced and emerging economies to discuss and coordinate policies related to economic growth, financial stability, and development. The member countries of the G20 include: G20, जिसे बीस के समूह के रूप में भी जाना जाता है , एक अंतरराष्ट्रीय मंच है जिसमें 19 अलग-अलग देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं। यह 1999 में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने और वैश्विक आर्थिक मुद्दों को संबोधित करने के लिए स्थापित किया गया था। G20 आर्थिक विकास , वित्तीय स्थिरता और विकास से संबंधित नीतियों पर चर्चा और समन्वय करने के लिए दुनिया की कुछ प्रमुख उन्नत और उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है। G20 के सदस्य देशों में शामिल हैं - Argentina Australia Brazil Canada China France Germany In...

#Electric vehicle,एक दिशा प्रदुषण से मुक्ति की ओर | # Electric vehicle, one direction towards freedom pollution.

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प्रस्तावना परिवहन हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो ना हमसे तब अलग था, जब हमारे पास नई - नई तकनीकों का आभाव ही आभाव था, और ना आज अलग है, जब हमारे पास परिवहन के लिए एक से बढकर एक, उच्च कोटि की तकनीकें उपलब्ध है| लेकिन तब, जब हमारे पास तकनीकों का आभाव था, तब हम अपने परिवहन के लिए जानवरों या जानवरों के द्वारा खींचने वाली गाड़ियों का उपयोग करते थे, जिससे ना तो प्रकृति का सौन्दर्य कलुषित होता था, और ना ही वातावरण प्रदूषित होती थी, लेकिन आज जब हमारे पास नई – नई तकनीकों से लैस गाड़ियों का अम्बार है, तब हम प्रकृति के सौदर्य को धुएँ से ढंकते जा रहे है, और वातावरण को प्रदुषण से प्रदूषित करते जा रहे है | जिसको समय रहते समझना हमारे लिए आवश्यक बन गया है क्योंकि वातावरण प्रदूषित होने से ग्लेसियर का पिघलना दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है | जिससे वातावरण को असंतुलित होने का खतरा भी हो सकता है, जिसके शुरूआती लक्ष्ण कभी – कभी अत्यधिक गर्मी तो अत्यधिक ठंड के रूप में हमारे सामने भी आ रहे है | ऐसे में Electric vehicle ,प्रदुषण मुक्त, इंधन विमुक्त गाड़ी का परिवहन के लिए प्रचलन राहत की एक साँस ...

#मिलेट्स वर्ष 2023, एक कदम स्वस्थ्य जीवन की ओर | #Millets year 2023, a step towards healthy life.

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  प्रस्तावना स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ एवं पोष्टिक आहार का होना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि स्वस्थ जीवन की कामना इसके बिना निरर्थक है | ज्वार , बाजरा , रागी , मड़ुवा , सावां , कोदों , कुटकी , कंगनी , चना इत्यादि जैसे मोटे अनाजों में भरपूर मात्रा में उच्च प्रोटीन , फाइबर , विटामिन , लौह तत्त्व, कैल्शियम और मैग्नीशियम इत्यादि खनिज पाये जाते है, जो स्वास्थ्य की हर दृष्टि से हमारे शरीर के लिए उपयोगी माने जाते है | भले ही आज हम गेंहूँ को अपने आहार का अहम हिस्सा मानते है, लेकिन पूर्व के वर्षों में साबुत गेहूँ के आटे से बनी रोटियों को स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम नहीं माना जाता था, इसीलिए गेहूँ और चने के संयुक्त मिश्रण से बने, आटे की रोटियों को खाने की प्रथा का चलन था |   ऐसा नहीं है की मिलेट्स कोई आज के जमाने की विकसित मिल है या किसी वैज्ञानिक पद्धति से इसका निर्माण किया गया है , ये तो ऐसे अनाजों की किस्में है , जिसे खाकर हमारे पूर्वज स्वस्थ्य जीवन के लाभ से अभिभूत हुए और कुपोषण , अनामिया , मधुमेह इत्यादि जैसे असाध्य रोगों से दूर रहें , लेकिन हमारी पीढ़ी ना जाने क्यूँ इससे दूर रह...