#वैशाली महोत्सव #वैशाली महोत्सव के बारे में #vaishali mahotsav #vaisali mahotsav ke bare men

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भूमिका संत रविदास जी ने भी क्या खूब कहा है- “मनुष्य जन्म से नहीं कर्म से महान बनता है” जैसे कि हमारे वर्द्धमान, जो अपने कर्म से भगवान महवीर बनें और जैन धर्म के 24 वें तीर्थकर के रूप में प्रतिष्ठित हुए | अहिंसा परमो धर्म : जैसे उपदेश देकर जनमानस के लिए एक ऐसे मार्गदर्शक के रूप में सामने आए, की पुजनीय, बंदनीय हो गए | ऐसे धरती के लाल के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर प्रत्येक वर्ष वैशाली वासी, वैशाली महोत्सव मनाकर भगावन महाबीर के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था प्रकट करते है और वैशाली वासी बड़े प्यार से कहते है -       हम भगवान महाबीर की शुभ जयंती मनाते है,       हम आस्था भगवान महाबीर के प्रति दिखाते है “ |   वैशाली महोत्सव मनाने की परम्परा की शुरुआत स्वर्गीय जगदीश चंद्र माथुर हाजीपुर के एक तत्कालीन अनुमंडलाधिकारी थे, जिनके हृदय में वैशाली के महत्व और महत्ता की ऐसी अखंड ज्योत जल रही थे, जिसके प्रकाश से अभिभूत होकर वैशाली के प्रति अपनी आस्था को, वैशाली महोत्सव मनाने की परम्परा के रूप में प्रकट कर दिया और वैशाली की मिट्टी की खुश...

#Electric vehicle,एक दिशा प्रदुषण से मुक्ति की ओर | # Electric vehicle, one direction towards freedom pollution.

प्रस्तावना

परिवहन हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो ना हमसे तब अलग था, जब हमारे पास नई - नई तकनीकों का आभाव ही आभाव था, और ना आज अलग है, जब हमारे पास परिवहन के लिए एक से बढकर एक, उच्च कोटि की तकनीकें उपलब्ध है| लेकिन तब, जब हमारे पास तकनीकों का आभाव था, तब हम अपने परिवहन के लिए जानवरों या जानवरों के द्वारा खींचने वाली गाड़ियों का उपयोग करते थे, जिससे ना तो प्रकृति का सौन्दर्य कलुषित होता था, और ना ही वातावरण प्रदूषित होती थी, लेकिन आज जब हमारे पास नई – नई तकनीकों से लैस गाड़ियों का अम्बार है, तब हम प्रकृति के सौदर्य को धुएँ से ढंकते जा रहे है, और वातावरण को प्रदुषण से प्रदूषित करते जा रहे है |

जिसको समय रहते समझना हमारे लिए आवश्यक बन गया है क्योंकि वातावरण प्रदूषित होने से ग्लेसियर का पिघलना दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है |

जिससे वातावरण को असंतुलित होने का खतरा भी हो सकता है, जिसके शुरूआती लक्ष्ण कभी – कभी अत्यधिक गर्मी तो अत्यधिक ठंड के रूप में हमारे सामने भी आ रहे है |

ऐसे में Electric vehicle ,प्रदुषण मुक्त, इंधन विमुक्त गाड़ी का परिवहन के लिए प्रचलन राहत की एक साँस जैसा प्रतीत होता है | इसीलिए आज के अपने इस ब्लॉग को हमने Electric vehicle और Electric vehicle की उपयोगिता पर ही केन्द्रित रखा है |

 


 लेड एसिड EV Batteries, लिथियम आयन EV Batteries या सोडियम
 आयन EV Batteries इत्यादि, ये EV बैट्री की ऐसी किस्में है जो चार्जेबल 
 होती है और जल्दी चार्ज होने के साथ – साथ ज्यादा चलती भी है |

इसी बैट्री का प्रयोग Electric vehicle के संचालन में होता है , जिससे कार्बन उत्सर्जन का खतरा शून्य हो जाता है और प्रदुषण मुक्त हो जाता है |

 

सड़क पर गाड़ियों की बढ़ती संख्या,पेट्रोल की बढ़ती खपत, महंगाई की कमर तोर देने वाली गति और पर्यावरण में प्रदुषण का स्तर, वर्तमान समय में एक ऐसी समस्या का रूप ले रही है जो ना सिर्फ पर्यावरण के लिए बल्कि जीवन के लिए भी खतरे की घंटी है|

चूँकि Electric vehicle इंधन विमुक्त है और इससे कार्बन उत्सर्जन भी ना के बराबर या शून्य होता है इसीलिए वर्तमान स्थति को देखते हुए इसे आज के समय की गाड़ी कहना गलत नहीं होगा क्योंकि इसके उपयोग से जहाँ ईंधन की महंगाई से मुक्ति मिलेगी वहीं वातावरण को प्रदूषित होने का खतरा भी नहीं होगा |   

भारत सरकार के विभिन्न आयोगों में से एक निति आयोग ने भी SHOONYA कैंपेन के द्वारा Electric vehicle के भविष्य की ओर कदम बढ़ाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है ताकि

Electric vehicle को बाजार में उसके अनुरूप माहौल मिल सकें और लोग इसकी उपयोगिता को समझ सके, इसके लिए क्विज कांटेस्ट जैसे इत्यादि कार्य का भी आयोजन कर रही है |

  

 निष्कर्ष

सोच बदलती है, ख्याल बदलता है ,जीने का तरीका बदलता है और यहाँ तक की  समय के साथ समय भी बदलता है, यदि समय की मांग को समय रहते समझ कर आत्मसात किया जाये | ऐसे अनेकों उदाहरण है जिसपर यदि गौर करें तो इस बात को समझने योग्य आवश्य हो जायेंगे की हमारे जीवन में समय के साथ चलने की उपयोगिता क्या है !

जैसे वर्तमान समय में ईंधन की कीमत दिन प्रति दिन आसमान छू रही है, ठीक वैसे ही प्रदुषण का स्तर भी दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है | जिसका एक मुख्य कारण ईंधनों से चलने वाली गाड़ियों का अत्यधिक उपयोग भी प्रतीत होता  है |अगर हम ईंधन विमुक्त गाड़ियों का उपयोग करना शुरू करदें, तो यथा संभव बढ़ते प्रदुषण के स्तर में भी कमी लाया जा सकता है और ईंधनों पर खर्च होने वाले पैसों को बचाया भी सकता है| 

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