#वैशाली महोत्सव #वैशाली महोत्सव के बारे में #vaishali mahotsav #vaisali mahotsav ke bare men

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भूमिका संत रविदास जी ने भी क्या खूब कहा है- “मनुष्य जन्म से नहीं कर्म से महान बनता है” जैसे कि हमारे वर्द्धमान, जो अपने कर्म से भगवान महवीर बनें और जैन धर्म के 24 वें तीर्थकर के रूप में प्रतिष्ठित हुए | अहिंसा परमो धर्म : जैसे उपदेश देकर जनमानस के लिए एक ऐसे मार्गदर्शक के रूप में सामने आए, की पुजनीय, बंदनीय हो गए | ऐसे धरती के लाल के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर प्रत्येक वर्ष वैशाली वासी, वैशाली महोत्सव मनाकर भगावन महाबीर के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था प्रकट करते है और वैशाली वासी बड़े प्यार से कहते है -       हम भगवान महाबीर की शुभ जयंती मनाते है,       हम आस्था भगवान महाबीर के प्रति दिखाते है “ |   वैशाली महोत्सव मनाने की परम्परा की शुरुआत स्वर्गीय जगदीश चंद्र माथुर हाजीपुर के एक तत्कालीन अनुमंडलाधिकारी थे, जिनके हृदय में वैशाली के महत्व और महत्ता की ऐसी अखंड ज्योत जल रही थे, जिसके प्रकाश से अभिभूत होकर वैशाली के प्रति अपनी आस्था को, वैशाली महोत्सव मनाने की परम्परा के रूप में प्रकट कर दिया और वैशाली की मिट्टी की खुश...

कोलेस्ट्रॉल क्या है और ये हमारे शरीर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है ?

 कोलेस्ट्रॉल क्या है , और इसके स्तर को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है एक अनुभव का प्राकट्य भाव या एक विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण, से मैं अपने पाठकों के लिए, मैं अपने इस नये ब्लॉग के माध्यम से , कोलेस्ट्रॉल से सम्बंधित तमाम पहलुओं पर कुछ लिखने की कोशिश कर रहा हूँ, मेरी ये कोशिश अगर आप तमाम पाठकों को अच्छी लगे तो कृप्या कमेन्ट सेक्सन में अपने विचार आवश्य व्यक्त करें...

                                                       धन्यवाद 

 कोलेस्ट्रॉल क्या है ?



कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा पदार्थ होता है या कोलेस्ट्रॉल एक वसा है जो मुख्य रूप से लीवर द्वारा उत्पन्न होता है जो कोशिका झिल्ली समेत शरीर के प्रत्येक भागों में पाया जाता है और ये रक्त में घुलनशील नहीं होता है

क्या कोलेस्ट्रॉल बाहरी श्रोत से भी हमारे शरीर में प्रवेश कर सकता है -

हाँ कोलेस्ट्रॉल बाहरी श्रोत से भी हमारे शरीर में पहुँच सकता है जैसे अगर हम डेयरी प्रोडक्ट, अंडा , मांस , मछली  का सेवन करें .. 

शरीर में कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता

हमारे शरीर की प्रत्येक कोशिका के सुचारू रूप से कार्य करने एवं हमारे शरीर की प्रत्येक कोशिका को जीवित रहने के लिए कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता होती है

सूर्य की किरणों को विटामिन D में परिवर्तित करने के लिए भी कोलेस्ट्रॉल एक आवश्यक तत्व है

लेकिन मुख्यत: कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता शरीर में ..

 ·        कोशिकाओं के निर्माण के लिए 

·        हारमोन के निर्माण के लिए 

·        बाईल जूस के निर्माण के लिए होता है जो शरीर में मौजूद वसा को पचाने में महत्व भूमिका निभाता है

कोलेस्ट्रॉल के प्रकार

 कोलेस्ट्रॉल तीन प्रकार के होते है

1.   LDL ( LOW DENSITY LIPOPROTIN) इसे BAD कोलेस्ट्रॉल के नाम से जाना जाता है क्योंकि ये हमारे शरीर की रक्त नली की दीवार पर क्लोड ( ढेले ) जमा कर देता है जिससे रक्त हृदय तक उचित मात्रा में नहीं पहुंच पाता है जिस कारण शरीर में LDL कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है और इसकी वजह से गंभीर रोग जैसे हृदय घात , स्ट्रोक इत्यादि होनी की प्रवल संभावना बन जाती है

LDL कोलेस्ट्रॉल के अधिक मात्रा में शरीर में मौजूद होने के लक्ष्ण -

सिरदर्द की लगातार समस्या होना,

सर में चक्कर देना,

चलने और दौड़ने में कठिनाई उत्पन्न होना,

त्वचा में लालिमा होना,

कम दिखाई देना,

पेशाब में खून आना इत्यादि

LDL कोलेस्ट्रॉल के अधिक मात्रा में शरीर में मौजूद होने के कारण –

     अस्वास्थ्यकारी आहार,
     कसरत या व्यायाम या शारीरिक क्रिया का आभाव,
     शरीर का वजन बढना ,
 शराब का अत्यधिक मात्रा में सेवन और ध्रुमपान करना   
 इत्यादि  
LDL कोलेस्ट्रॉल के अधिक मात्रा में शरीर में मौजूद होने के वचाव
के लिए –

कम से कम आधा एक घंटा प्रत्येक दिन रूटीन व्यायाम या शारीरिक क्रिया

फाईबर युक्त आहार जैसे सावुत आनाज , दालें , चना , मूंग ,मसूर इत्यादि

डार्क चौकलेट , जैतून का तेल , दही , प्याज , लहसुन का सेवन,

नमक की मात्रा का कम सेवन,

अधिक से अधिक पानी पीने की आदत,

ध्रुमपान / शराब का सिमित सेवन,

तनाव से यथा संभव दूरी,

तैलीय आहार से दूरी,

          खट्टे फलों का सेवन जैसे – नीबूं , संतरे , केला , अनार इत्यादि

2. HDL  (HIGH DENSITY LIPOPROTIN)- इसे अच्छा (good) कोलेस्ट्रॉल भी कहते है ये रक्त नली से bad कोलेस्ट्रॉल यानि LDL को निकालकर यकृत में भेज देता है जिससे bad कोलेस्ट्रॉल यानि LDL हमारे शरीर से बाहर निकल जाता है इसीलिए स्वस्थ्य शरीर के लिए शरीर में उपस्थित HDL की मात्रा LDL से अधिक होनी चाहिए |



शरीर में bad कोलेस्ट्रॉल यानि LDL की मात्रा जैसे – जैसे घटेगी वैसे – वैसे ही HDL यानि good कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ेगी ..

    

   मापदंड

  साधारण

    सीमा

  उच्च

  कुल कोलेस्ट्रॉल

 

199 mg/dL

 

200-239 mg/dL

  Above

240 mg /dL

LDL

129 mg/dL

130 to 159 mg/dL

  ABOVE 160mg/dL

HDL

60 mg/dL

   or

higher

41 mg/dL

    To

59 mg / dL

 Lesser

40 mg/dL

    

 3.VLDL( VERY LOW DENSITY LIPOPROTIN) ये LDL से भी ज्यादा खतरनाक होता है |

निष्कर्ष

व्यक्ति का जीवन व्यक्ति के स्वयं के कृत पर काफी हद तक निर्भर करता है आज भाग दौड़ भरी जिन्दगी में लोग अपने उचित खान – पान पर या शारीरिक क्रियाओं पर ही ध्यान नहीं देते जिस कारण कोलेस्ट्रॉल के घटने – बढने के कारण अपने ही जीवन का घात स्वयं के द्वारा बनाये दिनचर्या के कारण अनजाने में ही कर लेते है ऐसा नहीं है कि लोग नहीं समझते लेकिन समझ कर भी लोग ‘अति सर्वत्र वर्जयेत् ‘के भीतर छूपे भेद को नहीं समझते |  

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