#वैशाली महोत्सव #वैशाली महोत्सव के बारे में #vaishali mahotsav #vaisali mahotsav ke bare men
कहते है आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है तो जरा सोचिये
अगर हमारी आवश्यकता ही सिमित होती तो क्या एक ऐसा
आविष्कार
भी हो पाता
·
जो हमें पूरी दुनियाँ से बस चंद सेकेंड्स में
ही जोड़ पाती
·
क्या संचार में कभी एक ऐसी क्रान्ति आती जो हमें
यूट्यूब से लेकर ब्लॉग तक घर
बैठे ही पहुँचने में मदद करती
लेकिन आज हम अपनी बढ़ती आवश्यकता से ही इस मुकाम पर
पहुँचने में सफल हो पाये है कि –
·
घर बैठे – बैठे ही हम पूरी दुनियाँ से जुड़
सकते है
·
हम अपनी मनपसन्द की वस्तु घर बैठे – बैठे ही
दुनियाँ के किसी भी कोने से खरीद सकते है
·
हम घर बैठे – बैठे ही अपना बिजनेस चला सकते है
·
हम घर बैठे – बैठे ही पैसों का लेनदेन कर सकते
है
·
हम अपने मन को बहलाने के लिए अपने अनुसार
मनोरंजन के साधन को तलाश कर सकते है , मनपसंद गेम खेल सकते
है
·
हम अपनी फोटो ,वीडयोज घर बैठे – बैठे ही किसी
को भेज भी सकते है और किसी से मंगवा भी सकते है
·
हम सोशल नेटवर्किंग साईट का उपयोग करके नये
दोस्त भी बना सकते है और अपने दिल की बात को या विचार को दुनिया के सामने रख भी
सकते है इत्यादि
जो कभी हमारे लिए असम्भव था लेकिन
ये सब संभव हुआ स्मार्ट फोन के आविष्कार से और बड़े –बड़े शहरों से लेकर छोटे से छोटे गाँव तक
मोबाईल फोन स्मार्ट फोन की शक्ल में हमारी दशा और दिशा दोनों बदलने के लिए आ गया
..
और इतना ही नहीं हमें अपनी पहचान
बनाने में जहाँ पहले बरसों लग जाते थे आज कुछ ही घंटों में,कुछ ही मिनटों में हम
लोकप्रिय भी हो सकते है और घर बैठे – बैठे ही पैसे भी कमा सकते है बस हमारी प्रतिभा
में कुछ ऐसी बात होनी चाहिए जो अपने आप में ही एक आकर्षण का केन्द्र हो ... उदाहरण
के तौर पर हम यूट्यूबर बन सकते है
हम ब्लॉगर बन सकते है और अपनी कला के माध्यम से अपनी एक अलग पहचान बना सकते है ..
जो कि एक स्मार्ट फोन से बड़े आराम से हो सकता है ..
खैर स्मार्ट फोन के इतने सारे
फायदे को देखते हुए क्या कभी हमारे मन में ये विचार भी आ सकता है कि स्मार्ट फोन
हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकता है या यूँ कहे स्मार्ट फोन हमारे जीवन
के लिए खतरा भी बन सकता है, नहीं ना .. लेकिन ये सौ प्रतिशत सत्य है कि स्मार्ट फोन
के ज्यादा इस्तेमाल से हमें स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानी हो सकती है ये बात
वैज्ञानिक शोध से सामने आई है जिसके पीछे वैज्ञानिकों का तर्क है कि मोबाईल फोन से
जो रेडिएसन निकलती है वो काफी हानिकारक होती है और हमपर अपना बुड़ा प्रभाव डालती है
-
·
जिससे हमारी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है
·
जिससे हमारी नींद कम हो जाती है
·
जिससे हमारी आँखों की रौशनी जा सकती है
·
जिससे डिप्रेशन भी हो सकता है
·
जिससे हमारी एकाग्रता में कमी देखने को मिल
सकती है
·
और तो और मोबाईल फोन को वाईब्रेशन मोड पर
इस्तेमाल करने से कैंसर जैसी भयानक बिमारी का भी खतरा बढ़ सकता है|
लेकिन बिमारियों के डर से हम मोबाईल फोन को इस्तेमाल
करना छोड़ भी नहीं सकते है क्योंकि मोबाईल फोन आज समय
की माँग बन चूका है हाँ इससे बचने के उपाय के तौर पर थोड़ी
सावधानी हम जरुर बरत सकते है जो निम्न प्रकार की हो
सकती है
·
जितना संभव हो मोबाईल फोन से दूरी बना कर रखे अपनी
जेब में तो कतई मोबाईल फोन को ना रखें इस्तेमाल करने के बाद आप मोबाईल फोन को अपने
से दूर रखने का प्रयास करें ..
·
सोने समय अपनी तकिये के नीचे भी मोबाईल फोन को
ना रखें इसके लिए आप अपने आस पास की टेवल का इस्तेमाल कर सकते है
·
बाहर आने जाने के दौरान हाथ में भी मोबाईल फोन
को ना रखें आप मोबाईल फोन को किसी थैले या बैग में रख सकते है
निष्कर्ष
आवश्यकता से अधिक किसी भी चीज का प्रयोग हानिकारक ही
होता है क्योंकि चाहे या अनचाहे रूप से हम
उसपे आश्रित होने लगते है
और मोबाईल फोन तो एक प्रकार का उपकरण है जिसमें कभी भी
खराबी आ सकती है या खराब नेटवर्क की वजह से ठीक – ठाक काम नहीं कर सकती है
तो क्या ऐसे में मोबाईल फोन पर आश्रित रहना उचित है
इसीलिए उपकरण , उपकरण तक ही सिमित रहे तो अच्छा है कभी भी मोबाईल फोन को अपनी
मेमोरी बनाने की गलती नहीं करनी चाहिए | क्योंकि हम जितना इसपे आश्रित रहेंगे इसके सम्पर्क में उतना ही ज्यादा
रहेंगे जो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बिलकुल भी ठीक नहीं है |
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें